अब तक 70 करोड़ बैंक अकाउंट और 14 करोड़ पैन हुए आधार से लिंक  

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अब तक 70 करोड़ बैंक अकाउंट और 14 करोड़ पैन हुए आधार से लिंक

नई दिल्ली। देश में अबतक 14 करोड़ से ज्यादा पैन कार्ड आधार नंबर से लिंक किए जा चुके हैं। वहीं, 70 फीसदी बैंक अकाउंट भी आधार नंबर से लिंक कराए जा चुके हैं। यूएडीएआई के एक सीनियर आफिशियल ने इस बात की जानकारी दी है कि कुल 30 करोड़ में से 14 करोड़ यानी 46 फीसदी पैन, आधार नंबर से लिंक हो चुके हैं।  बता दें कि सरकार ने पैन के साथ आधार कार्ड लिंक कराने की समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दी है। पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर 2017 थी।

70 फीसदी बैंक अकाउंट लिंक हुए
आॅफिशियल ने जानकारी दी कि बैंक अकाउंट के आधार नंबर से लिंक कराए जाने की स्थिति ज्यादा बेहतर है। अबतक 100 करोड़ से ज्यादा अकाउंट में से करीबअ 70 फीसदी बैंक अकाउंट आधार नंबर से लिंक कराए जा चुके हैं। बता दें कि बैंक अकाउंट को भी आधार नंबर से लिंक कराए जाने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च हो चुकी है, जो पहले 31 दिसंबर थी।

लिंक कराने की प्रक्रिया आसान की
आॅफिशियल ने बताया कि आधार लिंकिंग में दिक्कत न आए इसके लिए इसकी प्रक्रिया आसान किए जाने के साथ सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। हमने सभी बैंकों ने कहा है कि वे अपने ब्रांचेज पर आधार फिंगरप्रिंट और आईआरआईएस स्कैनर उपलब्ध करवाएं। इससे लोगों की दिक्कतें दूर होंगी।

क्यों जरूरी हुई पैन-आधार लिंकिंग
फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने संसद में कहा था कि बहुत से लोग कई पैन बनवा कर टैक्स चोरी करते हैं। ऐसे में कल्लूङ्मेी ळं७ की चोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पैन को आधार से लिंक करना जरूरी बना दिया है। सरकार का मानना है कि पैन आधार से लिंक होने से टैक्स चोरी करने वालों पर अंकुश लगेगा और ऐसा करने वालों की पहचान भी आसानी हो जाएगी।

सोशल वेलफेयर स्कीम्स के लिए आधार जरूरी
केंद्र सरकार ने सोशल वेलफेयर स्कीम्स का फायदा लेने के लिए आधार को जरूरी कर दिया है। इसके खिलाफ तीन अलग-अलग पिटीशन्स सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के एक आॅर्डर में कहा था कि सरकार और उसकी एजेंसियां योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को जरूरी ना करें। बाद में, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को यह छूट दी थी कि वह एलपीजी सबसिडी, जनधन योजना और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) से लाभ लेने के लिए लोगों से वॉलियन्टरी आधार कार्ड लिए जाएं।

वास्तविक लाभार्थियों को सहायता देना है मकसद
सोशल वेलफेयर स्कीम्स के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के पीछे सरकार का मकसद वास्तविक लाभार्थियों को स्कीम्स का फायदा पहुंचाना है। सरकार का मानना है कि सोशल स्कीम्स में फजीर्वाड़ा और डुप्लीकेशन हटाने के लिए उन्हें आधार से लिंक करना  जरूरी है।

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