कम सिंचाई तथा संतुलित उर्वरक से खेती किसान करें : कृषि मंत्री

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कृषि मंत्री ने पिपरिया मंडी में की तीन करोड़ रुपए की लागत के निर्माण कार्यों की घोषणा की

भोपाल। होशंगाबाद के पिपरिया में खण्ड स्तरीय किसान संगोष्ठी मंडी प्रांगण में आयोजित की गई। संगोष्ठी का शुभारंभ प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने किया। इस अवसर पर उन्होने पिपरिया मंडी में 3 करोड़ रुपए की लागत के निर्माण कार्यों की घोषणा की। इसमें बहुउद्देशीय कृषक विश्राम भवन, सडक निर्माण, मंडी में प्रकाश व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य शामिल है। बिशेन ने किसानों से कम सिंचाई तथा संतुलित उर्वकर के साथ खेती करने की अपील की। उन्होंने किसानों को भावांतर भुगतान योजना, जैविक खेती तथा शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 2020 तक हर गांव में बिजली देने के लिए सौभाग्य योजना प्रारंभ की है। साथ ही उज्ज्वला योजना से गरीबों को गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इनसे गांव की तस्वीर बदलेगी। कृषि मंत्री ने समारोह में कन्यापूजन करके बेटी बचाओ तथा गो माता की पूजा करके गो सेवा का संदेश दिया।

संगोष्ठी में कृषि मंत्री ने कहा कि मप्र लगातार कृषि कर्मण अवॉर्ड जीत रहा है। इसका असल श्रेय प्रदेश के किसानों को जाता है जो विपरीत परिस्थितियों में भी लगातार अच्छी खेती कर रहे हैं। कृषको को समृद्ध बनाने के लिए कृषि से होने वाली आय को दुगुना करने तथा इसकी  लागत को कम करना आवश्यक है। किसानों को नवीन तकनीकी, जैविक खेती आदि का प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश के सभी विकासखण्डों में किसान संगोष्ठियां आयोजित की जा रही है। किसान इन संगोष्ठियों में दी जा रही सलाह के अनुसार खेती करेंगे तो उन्हें अवश्य लाभ होगा। उन्होने प्रत्येक जिले में एक गांव को कृषि यंत्र दूत गांव बनाने का आह्वान किया। उन्होने पैडी ट्रांसप्लांटर के बारे में बताया जो किसानो को कम कीमत में उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होने कहा कि किसानो को अपनी आमदनी बढाने के लिए खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन एवं कृषि वानिकी भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण में किसानों की सहायता के लिए एम.पी. एग्रो से खरीद की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।

कृषि मंत्री बिशेन ने किसानों से शासन की फसल बीमा योजना एवं भावांतर योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होने कहा कि सभी किसान भाई 11 अक्टूबर से पहले आवश्यक रूप से भावांतर भुगतान योजना में पंजीयन करा लें। जिले के कलेक्टर फसलों का सर्वे करायें यदि किसी किसान की फसल नष्ट हुई है तो उसे उचित मुआवजा दें। बिशेन ने किसानो से जैविक खेती अपनाने तथा रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग करने तथा फसल चक्र अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पिपरिया जिले ही नहीं प्रदेश की प्रमुख मंडी है। इसकी साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाएं शानदार हैं। इसमें शीघ्र ही पक्की सड़क तथा सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था होगी। किसानों के ठहरने के लिए बहुउद्देशीय कृषक विश्राम गृह बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि म.प्र. की सरकार लगातार किसानों के हित में कार्य कर रही है। हमने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के आदर्श के अनुसार गरीबों की भलाई के कार्य किये हैं। साम्यवाद हारा, समाजवाद गया अब एकात्म मानववाद परिणाम दे रहा है।
संगोष्ठी में पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी ने कहा कि इस वर्ष पानी की कमी के कारण किसान कम पानी वाली फसलों का चुनाव करें। इन विषम परिस्थितियों में सरकार किसानों के साथ है। किसानों को जैविक खेती अपनाकर कम लागत में ज्यादा उत्पादन के प्रयास करने चाहिए। संगोष्ठी में कृषि महाविद्यालय पवारखेडा के डीन डी के पहलवान ने किसानो को अल्पवर्षा के कारण चना, मसूर, सरसों एवं अलसी जैसी फसलों का चुनाव करने की सलाह दी। उन्होने कहा कि बीज उपचार के बाद बोनी करने से फसल रोग मुक्त रहेगी। किसान दलहन फसलों पर यूरिया का प्रयोग न करें। सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे जैविक खादों का प्रयोग करें। संगोष्ठी में जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल पटेल, राज्य अंत्योदय समिति के सदस्य हरिशंकर जायसवाल, पिपरिया नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष राजीव जायसवाल, मनोहरलाल बैंकर, दिनेश पटेल, राजेंद्र उपाध्याय, कृषि वैज्ञानिक तथा बडी संख्या में किसान सम्मिलित हुए।

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