काले धन को सफेद करने के आरोप में कांग्रेसी नेताओं का करीबी गिरफ्तार

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5,000 करोड़ का है घोटाला
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो कांग्रेस का करीबी है और उसके ऊपर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों को हजारों करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है। गगन धवन नाम के इस शख्स पर कई नौकरशाहों और नेताओं के काले धन को वाइट मनी बनाने का आरोप है। जांच एजेंसियों को कई नौकरशाहों को लाखों रुपये का भुगतान किए जाने से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें आईआरएस सुभाष चंद्रा को 30 लाख रुपये दिए जाने से जुड़ा दस्तावेज भी शामिल है। कोर्ट ने गगन धवन को सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय की कस्टडी में भेज दिया है।
5000 करोड़ के घोटाले के खेल में कांग्रेस का करीबी गिरफ्तार, कई आईएएस अधिकारियों से कनेक्शन का खुलासा
गगन को पांच हजार करोड़ रुपए के एक घोटाले के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिन्ग एक्ट के तहत दिल्ली में पकड़ा गया। गगन घवन के कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से सीधे संबंध होने का खुलासा भी हुआ है। गगन धवन ने आईएएस मानस शंकर रे को 40 लाख रुपये दिए है इस बात का भी एक दस्तावेज के जरिए खुलासा हुआ है।

इस मामले में दिल्ली पुलिस के कई बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच चल रही है। गगन धवन पर कई नौकरशाहों और नेताओं के काले धन को वाइट मनी बनाने का आरोप है। ईडी ने अगस्त में गगन धवन और दिल्ली के एक पूर्व विधायक के ठिकानों पर छापेमारी की थी, और गगन धवन का नाम सीबीआई की संदेसारा ग्रुप की एफआईआर में भी है।

सीबीआई ने हाल में स्टर्लिंग बायोटेक और उसके निदेशकों चेतन जयंतीलाल संदेसरा, दीप्ति चेतन संदेसरा, राजभूषण ओमप्रकाश दीक्षित, नितिन जयंतीलाल संदेसरा और विलास जोशी, चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत हाथी, आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

इससे पहले बीते अगस्?त माह में निदेशालय ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व विधायक सुमेश शौकीन और कारोबारी गगन धवन के 12 ठिकानों पर छापे मारे थे। निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि राजनीतिकों और नौकरशाहों का काला धन सफेद किया जा रहा है। ईडी द्वारा जिन ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, उनमें दक्षिणी दिल्ली के पॉश ईस्ट आॅफ कैलाश इलाके में एक फ्लैट, वसंत कुंज इलाके में आईना मार्बल प्राइवेट लिमिटेड कार्यालय सहित पांच फ्लैट, बीजवासन में एक फॉर्महाउस, बाराखंबा इलाके में स्थित इंद्रप्रकाश बिल्डिंग में एक फ्लैट, चाणक्यपुरी में एक फ्लैट और चावला इलाके में एक फ्लैट शामिल था। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई के चार आयकर अधिकारियों पर भी उनकी नजर थी।

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