चार साल बीते, हर जगह लगाई गुहार, कहीं नहीं मिला न्याय

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चार गांव के भटकते 20 किसानों को कब मिलेगा मुआवजा?
मामला सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का
 भोपाल। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर चार साल से दर-दर भटक रहे चार गांवों के इन 20 किसानों को अब तक यह भी आश्वासन नहीं मिल सका है कि आखिर उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा कब और कितना मिलेगा? जबकि अधिग्रहित की गई उनकी जमीन पर सड़क बनाकर व्यवस्थित आवागमन कब का शुरू हो चुका है। जी हां, राजधानी के राजाभोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मात्र चार किमी दूर अब्बास नगर से गोंंदरमऊ होते हुए अचारपुरा तक की सात किमी लंबी सड़क (पहुंच मार्ग)का चौड़ीकरण किया जाकर यातायात शुरू हो चुका है। इस पहुंच मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर बिसनखेड़ी, चांदपुर, अचारपुरा सहित चार गांव के करीब 20 किसानों की कृषि भूमि का शासन ने अधिग्रहण तो किया, परंतु चार साल बाद भी उन्हें अब तक मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। विडंबना यह है कि बीते चार सालों में इन किसानों ने पटवारी से लेकर प्रमुख सचिव और वल्लभ भवन  से लेकर सीएम हाउस तक गुहार लगाई, लेकिन हर जगह से उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के एसडीएम कमल सिंह सोलंकी से दूरभाष पर जानकारी लेनी चाही, किंतु कई प्रयासों के बावजूद संपर्क नहीं हो सका। हालांकि करीब तीन महीने पहले उन्होंने बताया था कि इन किसानों के मुआवजे की फाइल चल रही है और शीघ्र इस मामले का निराकरण हो जाएगा।
अधिग्रहण की सूचना दी, मुआवजे की नहीं :
जमीन अधिग्रहण से प्रभावित और मुआवजे से वंचित किसानों के अनुसार उन्हें करीब चार साल पहले सड़क चौड़ीकरण के नाम पर अधिग्रहित की जाने वाली जमीन की सूचना तो जिला प्रशासन ने दी थी, लेकिन अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा कब और कितना मिलेगा, इस संबंध में न तो शासन-प्रशासन ने उस समय किसानों को कोई सूचना दी और न ही अब कोई जानकारी दी जा रही है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई बार कलेक्टर और कमिश्नर की जन सुनवाई में भी गुहार लगाई, लेकिन समस्या का निराकरण चार साल बाद भी नहीं हुआ।
इन किसानों की गई जमीन :
 सड़क चौड़ीकरण के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनमें अचारपुरा के रूपराम, लच्छो, हीरालाल, कमलसिंह, हेमराज और कैलाश तथा चांदपुर के रामकिशन चौकसे के अलावा रामनिवास, राजाराम, संजय मीना, मल्लू, मुकेश, जीवन, निर्मल सिंह, मस्तान सिंह, गब्बर सिंह, परसराम, जवाहर सिंह, चंद्रप्रकाश, पदमसिंह, फूलसिंह, दलपत सिंह आदि शामिल हैं।
विस चुनाव में वोट नहीं देंगे:
मुआवजे के लिए भटक रहे अचारपुरा निवासी किसान हीरालाल, कमलसिंह, कैलाश और रूपराम ने कहा कि यूं तो उनका पूरा गांव जनसंघ के समय से ही एकतरफा वोट का पक्षधर रहा है, लेकिन जनसंघ, जनता पार्टी और अब भाजपा की सरकार ने उनके गांव में विकास से संबंधित ऐसा कोई काम नहीं किया, जिसे शासन की ओर से कोई उपलब्धि माना जा सके। उन्होंने कहा कि बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अचारपुरा की पोलिंग अब भाजपा ही जीतती आई है, किंतु आज ग्रामीण अपनी मानसिकता पर पछता रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में वे भाजपा को वोट नहीं देंगे।

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