तीन करोड़ की बिल्डिंग की सुरक्षा के नहीं इंतजाम

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कांच के दरवाजे और खिड़कियों के भरोसे जिला पंचायत कार्यालय भवन
भोपाल। कहने को राजधानी का जिला पंचायत कार्यालय भवन प्रदेश के व्यवस्थित और बेहतर सरकारी भवनों की कतार में जुड़ गया, लेकिन हकीकत यह है कि करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से बने इस आधुनिक भवन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नहीं है। मजेदार बात यह है कि लगभग चार साल पहले बने इस आलीशान भवन की सुरक्षा को लेकर अब तक न जिला पंचायत के पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों ने ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधियोें ने संस्था में करोड़ों की संपत्ति की सुरक्षा पर गौर किया। फलस्वरूप चार साल से भोपाल के जिला पंचायत कार्यालय भवन की सुरक्षा कांच के दरवाजों और खिड़कियों के भरोसे पर टिकी है।
गौरतलब है कि जिला पंचायत कार्यालय भवन के अन्य प्रवेश द्वारों की बात तो दूर मुख्य द्वार पर भी सुरक्षित दरवाजा तक नहीं है। यहां तक कि भवन के मुख्य द्वार पर कांच के गेट पर लगा आंतरिक ताला (इंटर लॉक)भी लंबे समय से बिगड़ा पड़ा है, जिससे मेनगेट पर पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। हां, भवन की सुरक्षा के लिए सरकारी तौर पर तीन गार्ड जरूर तैनात हैं, जो 8-8 घंटे बारी-बारी से प्रवेश द्वार पर तैनात रहते हैं। विडंबना यह है कि अगर ड्यूटी पर तैनात गार्ड को अचानक कोई इमरजेंसी आ जाए और उसे कहीं जाना पड़े तो कार्यालय भवन की सुरक्षा पर तुरंत समस्या खड़ी जाती है।

कांच टूटा और सुरक्षा खत्म :
गौरतलब है कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लखनसिंह मीना के कार्यकाल में स्वीकृत और मीना हिम्मतसिंह गोयल के कार्यकाल में निर्मित करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से बने इस भवन में भले ही अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए व्यवस्थित कक्ष आवंटित किए, भले ही कार्यालय में बड़ी संख्या में कम्प्यूटर और अन्य कीमती सामग्री रखी हो। लेकिन मुख्य द्वार सहित सभी खिड़कियां और दरवाजे केवल शीशे के फ्रेम से सुरक्षित किए गए हैं। अगर इनके एक कांच को भी कोई तोड़ दे तो सारी सुरक्षा खत्म हो जाएगी, जिससे पूरा कार्यालय एक दम असुरक्षित हो जाएगा। ऐसे में केवल सुरक्षा गार्ड ही एकमात्र जरिया है, जिसे चौबीसों घंटे तैनात रहना पड़ता है।

असुरक्षित पेयजल टंकी और कूलर :
उधर कार्यालय भवन के बाहर परिसर के कोने में रखी प्लास्टिक की पेयजल टंकी और गर्मी के सीजन में भवन के पिछले हिस्से में लगे कूलर पूरी तरह असुरक्षित हैं। कार्यालय में तैनात सुरक्षा गार्ड ने बताया कि दो दिन पहले कोई शरारती तत्वों ने कार्यालय की सुरक्षा दीवार फांदकर पानी की टंकी में लगी मोटर के तार काट दिए, जिससे टंकी से पानी कार्यालय भवन में नहीं पहुंचा। इसी तरह कार्यालय के पिछले हिस्से में रखे कूलर गर्मी का मौसम खत्म होने के बाद भी अब तक वहीं रखे हैं। हालांकि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और कार्यालय प्रमुख को सूचना दे दी गई है, लेकिन स्थिति जस की तस है।

इनका कहना है :
यह सही है कि जिला पंचायत कार्यालय भवन में लोहे अथवा लकड़ी के दरवाजे और खिड़कियां नहीं हैं। उधर भवन की चहारदीवारी की ऊंचाई भी बहुत कम है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। हालांकि सुरक्षा गार्ड चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं, मैंने इस संबंध में सीईओ को नोटशीट लिखकर भेज दी है। शीघ्र कार्यालय में अन्य सुविधाओं के अलावा सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता कर ली जाएगी।
– मनमोहन नागर, अध्यक्ष, जिला पंचायत, भोपाल

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