प्रद्युम्न हत्याकांड: परीक्षा और पैरंट्स-टीचर मीटिंग टालने के लिए छात्र ने किया मर्डर

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प्रद्युम्न हत्याकांड: परीक्षा और पैरंट्स-टीचर मीटिंग टालने के लिए छात्र ने किया मर्डर

सीबीआई ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को क्लीन चिट दी
सीबीआई ने छात्र से कबूलनामे पर हस्ताक्षर भी करवाए हैं

गुरुग्राम। रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुआ प्रद्युम्न हत्याकांड जितना सनसनीखेज था, सीबीआई की जांच का नतीजा भी उतना ही सनसनीखेज नजर आ रहा है। हरियाणा पुलिस की कंडक्टर और यौन उत्पीड़न वाली थिअरी को पूरी तरह खारिज करते हुए सीबीआई ने इस मामले में स्कूल के 11वीं क्लास के एक स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। सीबीआई ने हैरान कर देने वाला दावा करते हुए बताया है कि छात्र ने स्कूल की परीक्षा और पैरंट्स-टीचर मीटिंग को टालने के लिए प्रद्युम्न का कत्ल किया। आरोपी छात्र को 2 बजे जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा।सीबीआई का यह भी दावा है कि हिरासत में लिए गए छात्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि आरोपी छात्र स्वभाव से काफी शॉर्ट टेंपर्ड है। वह मानसिक रूप से कमजोर है और उसका इलाज भी चल रहा था। जांच एजेंसी के अधिकारियों का दावा है कि इस छात्र पर शक सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद हुआ। 11वीं के सभी स्टूडेंट्स से पूछताछ की गई। फुटेज में किसी का चेहरा साफ नहीं था। पूछताछ के बाद 4 स्टूडेंट्स के नाम सामने आए। फिर उन चारों से पूछताछ में इस स्टूडेंट का नाम आया। 15 दिनों की पूछताछ के बाद आखिरकर इसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

सीबीआई ने जांच के दौरान स्पॉट का रीकंस्ट्रक्शन भी किया। सीबीआई ने यह भी बताया कि आरोपी छात्र के दो दोस्तों को भी इसकी जानकारी थी। आरोपी छात्र ने अपने दोस्तों से कहा था कि वह कुछ ऐसा करेगा जिससे परीक्षाएं टल जाएंगी। सीबीआई के मुताबिक, छात्र ने एक दिन पहले चाकू खरीदा था और हत्या वाले दिन वह अपने बैग में चाकू लेकर स्कूल आया था। प्रद्युम्न की हत्या करने के बाद उसने चाकू को फ्लश कर दिया था।

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने यौन उत्पीड़न की बात को खारिज किया है। पहले यह बात सामने आ रही थी कि हत्या के पीछे पॉर्नोग्रफी वाला ऐंगल हो सकता है, लेकिन जांच एजेंसी ने इससे इनकार किया है। सबसे खास बात यह है कि सीबीआई की जांच के बाद हरियाणा पुलिस की जांच गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि हरियाणा पुलिस ने कंडक्टर अशोक कुमार को फंसाने की साजिश रची। उसे फंसाने के लिए चाकू प्लांट किया गया। सीबीआई अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कंडक्टर को किस तरह फंसाया गया और इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं। सीबीआई को यह भी सूचना मिली कि इस स्टूडेंट के अपराध की सूचना स्कूल प्रबंधन को पहले ही मिल गयी थी। अब सीबीआई जांच के दायरे में गुरुग्राम पुलिस और स्कूल के बीच साजिश भी शामिल हो गई है। हालांकि आरोपी छात्र के पिता दावा कर रहे हैं कि उनके बेटे को जल्दबाजी में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि उनके बेटे ने ही सबसे पहले स्कूल के टीचर और माली को प्रद्युम्न की हत्या की जानकारी दी थी। पिता के मुताबिक, उनसे और उनके बेटे से मंगलवार रात काफी देर तक सीबीआई के अधिकारियों ने पूछताछ की और फिर बेटे को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए स्टूडेंट के पिता ने बताया कि सीबीआई कई बार उनके घर जांच के लिए आई और बच्चे के स्कूल बैग सहित स्कूल का दूसरा सामान जब्त किया था।

प्रद्युम्न केस: जुवेनाइल बोर्ड ने आरोपी छात्र को 3 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा
प्रद्युम्न मर्डर केस में 11वीं के हत्यारोपी छात्र को सीबीआई ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया। सीबीआई के मुताबिक आरोपी की आयु 16 साल से ज्यादा है, इसलिए उसे जुवेनाइल बोर्ड में पेश किया गया जहांं से उसे  3 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया। सीबीआई ने आरोपी की छह दिन की कस्टडी भी मांगी थी।  इससे पहले सीबीआई ने गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल के प्रद्युम्न मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि सात वर्षीय छात्र का मर्डर 11वीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट ने किया। इसके साथ ही सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले पकड़े गए बस कंडक्टर अशोक कुमार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। अशोक के परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनको सीबीआई की जांच पर भरोसा है।

प्रद्युम्न हत्याकांड: उइक  और हरियाणा पुलिस की जांच में क्या फर्क?
प्रद्युम्न हत्याकांड में रायन स्कूल के छात्र के पकड़े जाने से सीबीआई और हरियाणा पुलिस की थिअरी में जमीन-आसमान का फर्क नजर आ रहा है। राज्य पुलिस और सीबीआई की जांच के अलग-अलग नतीजों के चलते लोग इसक केस की तुलना आरुषि हत्याकांड से भी कर रहे हैं। मामले से जुड़े कई ऐसे सबूत हैं जो हरियाणा पुलिस के पास भी थे, लेकिन पुलिस का नजरिया उन्हें लेकर अलग था। चाहे वह हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए चाकू की बात हो या मर्डर के मोटिव की। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी दोनों की राय अलग-अलग लग रही है।

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