वजन कम करने के साथ कई रोगों से छुटकारा दिलाए अंजीर

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जानें अंजीर के फायदे, स्वास्थ के लिए है बेहद लाभकारी

अंजीर से बहुत से फायदे  होते है, इसका उपयोग लैंगिक दुष्परिणाम, कब्ज, अपच, बवासीर, डायबिटीज, कफ, फेफड़े की सुजन और अस्थमा के इलाज के लिये किया जाता है। वजन कम करने के लिये भी इसका उपयोग किया जाता है और कई बीमारियों के समय में भी इसका उपयोग किया जाता है। अंजीर एक मौसमी फल है जो हमें एशिया के पश्चिमी भागो में ज्यादातर दिखाई देता है। लेकिन सुखी अंजीर आपको हर जगह मिल सकती है। साल में कभी भी आप सुखी अंजीर ले सकते हो। अंजीर का पेड़ शहतूत परिवार के पेड़ो का ही एक सदस्य है। भारत में सूखे मेवे काफी प्रसिद्ध है, भारत में कई लोग इसका उपयोग करते है। खाने में यह आपको थोड़ी मीठी लगती है और मीठी होने के साथ-साथ इसके सेवन से आपको कई स्वास्थकारी फायदे भी होते है। इसे आप दुसरे मेवो के साथ मिलाकर भी ले सकते हो, जैसे की बादाम, किशमिश, आम और खजूर के साथ भी आप इसका सेवन कर सकते हो। ताज़ी अंजीर का स्वाद सुखी अंजीर से थोडा अलग होता है, सुखी अंजीर हल्के आहार जैसी होती है। उसमे बहुत से विटामिंस, मिनरल्स और एंटीओक्सिडेंट होते है। अंजीर आपको आसानी से हलवाई, मिठाई और किराणा दूकान पर मिल सकती है। इसका उपयोग आप अपने खाने या डिश को उपरी सजावट देने के लिये भी कर सकते है।



-ब्लड प्रेशर को कम करता है

अंजीर पोटेशियम का अच्छा स्त्रोत है। पोटेशियम एक जरुरी और महत्वपूर्ण मिनरल्स है जो हमारे शरीर नके लिये जरुरी होता है, इसका रोज़ सेवन करने से ब्लड प्रेशर की समस्या कम होती है और साथ ही अंजीर हाई-ब्लडप्रेशर को कम करने में भी सहायक है। जबसे हम इस दुनियाँ में रह रहे है तभीसे हम सोडियम युक्त पदार्थो पर ही ज्यादातर निर्भर है। लेकिन अंजीर का यदि हम लगातार सेवन करते रहे तो हमें ब्लड सर्कुलेशन में भी इजाफा हो सकता है और साथ ही साथ हमारी पाचन तंत्र प्रणाली भी विकसित होंगी। शिंगा यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंस, जापान द्वारा किये गए अभ्यास के अनुसार यह पता चला है की अंजीर में पोटेशियम सम्बन्धी तत्व पाये जाते है जो हमारे पाचन तंत्र को विकसित करने और मजबूत बनाने में सहायक होते है, यह तत्व आपको ह्रदय सम्बन्धी विकार और किडनी सम्बन्धी समस्याओ से बचाते है।

– वजन संतुलित रखना

अंजीर फाइबर का अच्छा स्त्रोत है, रिसर्च से ऐसा पता चला है की अंजीर में ज्यादा मात्रा में फाइबर होने की वजह से इसका हमारे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इससे हमारा वजन संतुलित रहता है। हमारे दैनिक आहार में फाइबर एक अहम् भूमिका निभाता है। फाइबर केवल हमारे पाचन तंत्र के लिये ही ठीक नही है बल्कि इससे कैंसर और डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। डॉक्टर भी आपको यही सलाह देते है की उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थो का सेवन करना शरीर के लिये लाभदायक होता है। क्योकि इससे आपका वजन भी संतुलित रहता है। अमेरिकन जर्नल के क्लिनिकल के अनुसार उच्च फाइबर से भरपूर खाद्यान्नों का सेवन करना अच्छी सेहत के लिये और वजन कम करने में सहायक है। बल्कि सुखी अंजीर में भी कैलोरी का प्रमाण ज्यादा होता है, रोज़ इसका सेवन करना स्वास्थ के लिये फायदेमंद साबित हो सकता है। प्राचीन सूत्रों के अनुसार यह भी पता चला है की सुखी अंजीर वजन कम करने का एक अच्छा स्त्रोत है। इसका सेवन हमें नियमित रूप से करना चाहिए।

अंजीर के स्वास्थकारी फायदे
अंजीर से होने वाले स्वास्थकारी फायदे उसमे पाये जाने वाले मिनरल्स, विटामिंस और फाइबर की वजह से होतें है। अंजीर में स्वास्थ के लिये लाभदायक न्यूट्रीशन, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन 2, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्निशियम, सोडियम पोटेशियम और क्लोरिन जैसे लाभदायक तत्व होते है। अंजीर का पेड़ शहतूत के जाति के पेड़ोंं का ही एक सदस्य है। साल में किसी भी समय बाज़ार में सुखी अंजीर उपलब्ध होती है। इसमें ताजेपन जैसी कोई बात ही नही होती है इसका सेवन आप इसके पुरे सुख जाने के बाद भी कर सकते हो। अंजीर में छोटे-छोटे कुरकुरीत बीज भी होते है, जो आपको काफी स्वादिष्ट लगते है। आप इसका सेवन सलाद के रूप में भी कर सकते हो।

-प्रजनन स्वास्थ को करते हैं विकसित

प्राचीन ग्रीक लोगो के अनुसार अंजीर को सबसे पवित्र और प्राकृतिक फल कहा गया है। अंजीर प्यार और शुद्धता का प्रतिक है। प्राचीन भारत में भी इसे लोग दूध के साथ लेते थे। अंजीर में जिंक, मैग्नीज, मैग्नीशियम और आयरन होता है, यह सभी तत्व हमारे प्रजनन तंत्र के लिये उपयोगी होते है और ये सभी प्रजनन स्वास्थ को विकसित करने में सहायक भी होते है। किशोर लड़कियों में पीएमएस की समस्या को कम करने के लिये भी उनके माँ अक्सर उन्हें अंजीर खाने की सलाह भी देती है। अभ्यास से तो यह भी पता चला है की सुखी अंजीर में एंटीओक्सिडेंट और फाइबर जैसे तत्व होते है जो महिलाओ को स्तनों के कैंसर और हार्मोनल असंतुलन से बचाते है।

– खून में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करती है

अंजीर में बहुत से फायदेमंद पोटेशियम तत्व पाये जाते है जो खून में पाई जाने वाली शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करते है। हमें रोज़ खाना खाने के बाद हमारे खून में शक्कर की मात्रा की जांंच करवानी चाहिए। क्योंंकि डायबिटीज के मरीजो के लिये पोटेशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ फायदेमंद साबित हो सकते है क्योकि ये खाद्य पदार्थ खून में से शक्कर की मात्रा को कम करते है। रिसर्च से तो यह भी पता चला है की अंजीर में पाये जेन वाले एंटीओक्सिडेंट तत्व खून में से ग्लूकोज़ और शक्कर के प्रमाण को कम करते है। और हमें डायबिटीज से बचाते है।

-ह्रदय के स्वास्थ को विकसित करती है

अभ्यास से यह भी पता चला है की अंजीर शरीर में पाये वाले हानिकारक तत्वों को बाहर निकालती है जो ह्रदय विकार या ह्रदय सम्बन्धी दूसरी बीमारियों को बढ़ावा देते है। जबकि सुखी अंजीर में पाये जाने वाले एंटीओक्सिडेंट तत्व शरीर के ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित रखते है और ह्रदय में हुए ब्लॉकेज को दूर करके ह्रदय के स्वास्थ को विकसित करते है।

कब्ज की समस्या को दूर करती है

अंजीर में पाई जाने वाली फाइबर हमारे पाचन तंत्र के स्वास्थ को स्वस्थ रखती है और और इसीलिए इसका उपयोग कब्ज को दूर करने के लिये भी किया जाता है। हमारे पाचन तंत्र की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिये हमारे आहार में फाइबर का होना बहुत जरुरी है।

-हड्डियों के स्वास्थ को विकसित करती है

सुखी अंजीर कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है। रोजमर्रा की जिंदगी में शरीर के मिनरल्स की मात्रा को पूरा करने के लिये हमें रोज़ 100 रूद्द कैल्शियम ककी जरुरत होती है। जब शरीर इतने मात्रा में कैल्शियम का निर्माण करने में असफल होता है तो हमें उसके स्त्रोतों का सेवन कर इसके मात्रा को बढ़ाना चाहिये। अंजीर कैल्शियम का एक अच्छा स्त्रोत है और इससे में शरीर में पाई जाने वाली कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते है। इसीलिए वर्तमान में अपने दैनिक आहार में दुसरे खाद्य पदार्थो को शामिल करने के साथ-साथ अंजीर को शामिल करना भी बहुत जरुरी है।

– ये बातें जानना भी जरूरी

1. हमेशा अंजीर का उपयोग पहले उसे धोकर और फिर कपड़े से पोछकर ही करें।

2. अच्छे परिणाम कर लिये रोज़ अंजीर का सेवन या उपयोग करें।

3. अच्छे परिणाम के लिये हो सके तो ताज़ी अंजीर का ही उपयोग करें।

4. अंजीर को काटने या उसके टुकड़े करने के लिये सबसे पहले चाकू को कुनकुने पानी में डालकर रखे।

5. लचीली अंजीर का उपयोग ना करें।

6. यदि सुखी अंजीर कुछ ज्यादा ही कठोर बन जाये तो उसे कुछ समय तक गर्म पानी में भिगोकर रखे।

7. इसके बाद अंजीर को फ्रिज के किसी सबसे ठंडी जगह पर रख दें।

8. ज्यादा मात्रा में अंजीर का सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है।

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