बेहद कारगर है मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी का नुस्खा

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बेहद कारगर है मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी का नुस्खा

मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्त होनेका अचूक उपाय

सेहत के लिए मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी का नुस्खा बेहद कारगर होता है। ये तीनों चीजें सहजता से उपलब्ध हैं और औषधि गुणों से भरपूर हैं। मैथीदाना 250 ग्राम, अजवाइन 100 ग्राम और काली जीरी(Vernonia Anthelmintica) 50  ग्राम लें। तीनों को बारीक पीस कर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण रोज आधा चम्मच मात्रा में रात को सोते समय गर्म पानी के साथ लिया जाए तो पेट के तमाम रोगों में फायदा करता है। कब्ज तो कोसों दूर हो जाता है। इसके साथ पथ्य भी करें तो परिणाम बेहतर मिलते हैं। पथ्य अर्थात तली गुली चीजें, बेसन और मैदे से बनी चीजों से यथा संभव परहेज करें। भोजन में सलाद व रेशे वाले पदार्थ अधिक लें। यह नुस्खा गैस, अपच, भूख न लगना, भोजन के प्रति अरुचि आदि रोगों में बेहद लाभ करता है।

 

मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्त होने का अचूक उपाय

मेथी दाना -250 ग्राम ,
अजवाइन-100 ग्राम ,
काली जीरी-50 ग्राम ।

उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर में इसका पॉवडर बना लें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें ।
रात को सोते समय 1/2 चम्मच पॉवडर एक गिलास कुनकुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना या पीना नहीं है ।
इसे सभी उम्र के लोग ले सकते हैं फायदा पूर्ण रूप से 80-90 दिन में हो जायेगा ।

 कारगर है मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी का नुस्खा
कारगर है मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी का नुस्खा

लाभ :- इस चूर्ण को नित्य लेने से शरीर के कोने -कोने में जमा पड़ी सभी गंदगी (कचरा )मल और पेशाब द्वारा निकल जाता है , फ़ालतू चर्बी गल जाती है ,
चमड़ी की झुर्रियां अपने आप दूर हो जाती है, और शरीर तेजस्वी और फुर्तीला हो जाता है।

अन्य लाभ इस प्रकार हैं

1. गठिया जैसा ज़िद्दी रोग दूर हो जाता है ।

2. शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है ।

3. पुरानी कब्ज़ से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है ।

4. रक्त -संचार शरीर में ठीक से होने लगता है ,शरीर की रक्त -नलिकाएं शुद्ध हो जाती हैं ,रक्त में सफाई और शुद्धता की वृद्धि होती है ।

5. ह्रदय की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है, कोलेस्ट्रोल कम होता है ,जिस से हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता |

6. हड्डियां मजबूत होती हैं ,कार्य करने की शक्ति बढ़ती हैं ,स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होतीहै । थकान नहीं होती है ।

7. आँखों का तेज़ बढ़ता है, बहरापन दूर होता है, बालों का भी विकास होता है, दांत मजबूत होते हैं ।

8. भूतकाल में सेवन की गयी एलोपैथिक दवाओं के साइड – इफेक्ट्स से मुक्ति मिलती है ।

9. खाना भारी मात्रा में या ज्यादा खाने के बाद भी पच जाता है (इसका मतलब ये नहीं है कि आप जानबूझ कर ज्यादा खा ले) ।

10. स्त्रियों का शरीर शादी के बाद बेडौल नहीं होता ,शेप में रहता है ,,शादी के बाद होने वाली तकलीफें दूर होती हैं ।

11. चमड़ी के रंग में निखार आता है ,चमड़ी सूख जाना ,झुर्रियां पड़ना आदि चमड़ी के रोगों से शरीर मुक्त रहता है ।

12. शरीर पानी ,हवा ,धूप और तापमान द्वारा होने वाले रोगों से मुक्त रहता है

13. डाइबिटीज़ काबू में रहती है, चाहें तो इसकी दवा ज़ारी रख सकते हैं।

14. कफ से मुक्ति मिलती है ,नपुंसकता दूर होती है, व्यक्ति का तेज़ इस से बढ़ता है ,जल्दी बुढ़ापा नहीं आता, उम्र बढ़ जाती है |

15. कोई भी व्यक्ति ,किसी भी उम्र का हो ,इस चूर्ण का सेवन कर सकता है,मात्रा का ध्यान रखें ।

काली जीरी क्या है: उपयोग, लाभ और इससे जुडी जानकारियां

काली जीरी क्या है?

 

 कारगर है मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी का नुस्खा
कारगर है मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी का नुस्खा

काली जीरी एक औषधीय पौधा होता है। यह देखने में या आकार छोटी होती है। यह स्वाद में थोड़ी तीखी और तेज होती है और इसमें जरा सा तीखा पन भी पाया जाता है। इसके पौधे का स्वाद कटू (कडवा) होता है। यह हमारे मन और मस्तिष्क को ज्यादा तीव्र (उत्तेजित) करती है। यह बहुत लाभकारी पौधा होता है।

यह गर्म  तासीर का होता है, यह सामान्य जीरे जैसा होता है लेकिन इसका रंग काला होता है और आम जीरे से कुछ मोटा होता है।

यह काला जीरा से अलग होती है।

काली जीरी को किन किन नामों से जाना जाता है?

इसे आम भाषा में काली जीरी कहते है, लेकिन इसके अलग अलग नामों को जान लेना भी बहुत आवश्यक है।

अंग्रेजी में इसे black cumin seed कहा जाता है,संस्कृत में कटुजीरक और अरण्यजीरक कहते हैं, मराठी में कडूजीरें,  गुजराती भाषा में इसको कालीजीरी ही कहते हैंलैटिन भाषा में वर्नोनिया एन्थेलर्मिटिका (Vernonia anthelmintika) कहा जाता है।

 

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