नई रेत खनन नीति को मंजूरी, पंचायतों के माध्यम से होगा रेत खनन

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नई रेत खनन नीति को मंजूरी, पंचायतों के माध्यम से होगा रेत खनन

कियोस्क के जरिए होगी खरीद

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षत में हुई कैबिनेट की बैठक में नई रेत खनन नीति को मंजूरी मिल गई है। प्रदेश में पंचायतों के माध्यम से रेत खनन होगा, जिसकी दर 125 रुपए प्रति घन मीटर की होगी।
नई रेत नीति के तहत जिस किसी व्यक्ति को रेट चाहिए उसे आॅनलाइन ही खरीदी करनी होगी। वह किओस्क में राशि जमा करेगा, जिसकी स्लिप उसे पंचायत में दिखानी होगी। नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि सड़क पर अब रेत की जांच नहीं होगी ट्रैक्टर ट्रॉली को भी छूट रहेगी। नर्मदा नदी में मशीनों से उत्खनन नहीं होगा। नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि जिन खदानों के ठेके हो चुके हैं और वे नई नीति में प्रस्तावित दर के हिसाब से रेट देने में खुद को समर्थ नहीं पाते हैं तो वह ठेका सरेंडर कर सकते हैं। सरकार उन्हें राशि वापस लौटा देगी नई नीति में पर्यावरण अनुमति से लेकर सभी काम कलेक्टर करेंगे। जिस जिले में 20 से ज्यादा रेत खदान होगी वहां पर संविदा आधार पर रेत प्रबंधक की नियुक्ति भी की जाएगी। पंचायतें रेत से प्राप्त होने वाली राशि का अलग से लेखा-जोखा रखेंगी।
बैठक में  मप्र सरकार द्वारा चलाई जा रही कई फ्लैगशिप योजनाओं को साल 2019- 20 के लिए  जारी रखने को लेकर फैसला लिया गया है, जिन योजनाओ को कंटीन्यू रखा गया है, उनमे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, अंतजार्तीय विवाह प्रोत्साहन योजना, आदर्श ग्राम पंचायत पुरुस्कार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना शामिल हैं।

टेक होम राशन की नई व्यवस्था लागू
कैबिनेट में 6 माह से 3 साल तक के बच्चे गर्भवती महिलाएं और किशोरी बालिकाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब पूरक पोषण आहार महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लिए जाएंगे। इसके पहले की एकीकृत व्यवस्था को समाप्त किया कर दिया गया है, विकेंद्रीकृत व्यवस्था से पूरक पोषण आहार की व्यवस्था होगी। बैठक में भावांतर भुगतान योजना को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी को बताया कि मंडियों में आवक बढ़ी है, किसानों के हित की योजना है। जो किसान योजना में पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वो 15 से 25 नवंबर के मध्य पंजीयन करा सकते हैं। 22 नवंबर को उज्जैन में किसान सम्मेलन होगा, जहां पहले 15 दिन यानी 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के मध्य जिन पंजीकृत किसानों ने भावंतर योजना में फसल विक्रय की है। उन्हें भावांतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। यह राशि तकरीबन 240 करोड़ों रुपए की होगी, जो की डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों के खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। बैठक में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम नीति को भी मंजूरी दी गई, इसके तहत अब छोटे उद्यमियों को रजिस्ट्रेशन कराने या अन्य सुविधाओं के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग नहीं भटकना पड़ेगा। कुल मिलाकर 40 प्रतिशत तक की छूट उद्यमियों को मिलेगी। जिन उद्यमों में 10 से ज्यादा लोग कार्यरत होंगे, वहां प्रोविडेंट फंड कटेगा। जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट बैठक की फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नए खुले सात मेडिकल कॉलेजों में 880 प्राध्यापक -सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर पीएससी के माध्यम से सीधी भर्ती की जाएगी।

इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी
-अब प्रदेश में बांटने वाले पोषण आहार की जिमेदारी स्व सहायता समूह को सौपी जाएगी- प्रस्ताव कैबिनेट में पास
-भावन्तर योजना में पंजीयन की अवधि बढ़ाई गई, 15 से 25 नवंबर तक बढ़ाई गई अवधि
-मुख्यमंत्री कन्यादान योजना 2020 तक जारी रहेगी- कैबिनेट के फैसला
-नए 7 मेडिकल कॉलेजों में 185 पद स्वीकृत।
-वन विभाग के दो रिटा. अफसरों को खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कर्रवाई
-पेच परियोजना के डूब प्रभावित 21 गांव के लिए विशेष पुर्नवास अनुदान पैकेज की स्वीकृति
-भिंड गोलीकांड मामले में न्यायीक आयोग के कार्यकाल में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी
-एससीएसटी के प्री मेट्रीक व पोस्ट मेट्रीत छात्रा वासों को मंजूरी
-सरकारी कॉलेज और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में अतिरिक्त निर्माण का प्रस्ताव पास
-कौशल विकास संचालनालय के अंतर्गत नए पद्दों को मंजूरी का प्रस्ताव

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